वैसे भी यह किसका काम है??

यह कहानी है चार लोगों की जिनका नाम है-
(हर कोई)
(कोई भी)
(कोई भी है)
(कोई भी नहीं).......


(हर कोई) को एक बहुत महत्वपूर्ण काम करने को दिया गया। (हर कोई) को लगता था की (कोई भी) इस काम को जरूर पूरा कर देगा। (कोई भी )इसे कर सकता था, लेकिन (कोई भी नहीं) कर पाया इस काम को। किसी को उस पर गुस्सा आया, क्योंकि यह काम हर किसी का था।
(हर कोई) को लगता था कि (कोई भी) ऐसा कर सकता है लेकिन किसी को भी इस बात का एहसास नहीं है कि (हर कोई) ऐसा नहीं करेगा। यह समाप्त हो गया कि (हर कोई) किसी ना किसी को दोषी फहराता है जब (कोई भी) ने भी ऐसा नहीं किया।।।

 यह कहानी आपको भ्रमित कर सकती है लेकिन यह सीधा स्पष्ट संदेश दे रही है कि किसी ने जिम्मेदारी ली ही नहीं काम की किसी ने भी इस काम को पूरा नहीं किया और एक दूसरे को दोषी ठहराया गया।।


दरअसल ये कहानी हमारी जिंदगी पर लागू होती है।। कि हम हमारा काम दूसरों पर थोपते हैं कि वह कर देगा।। लेकिन यह हमारी जिम्मेदारी होती है कि जो कार्य हमें दिया गया है वह हम पूरा करें ना कि अपना काम किसी दूसरे पर थोपे।। 

अगर इसे और बेहतर रूप से समझा जाए तो यह हमें कुछ सुने हुए भी लग सकती है और महसूस की हुई भी लग सकती है। क्योंकि यह एक ऐसी कहानी है जो कंपनियों और टीम वर्क्स पर अपना असर डालती है। कहीं ना कहीं यह एक संस्कृति बन चुकी है और हमें इसका जवाब खोजना होगा।

Comments

  1. It's to confusing esa karo sbko goli mar do 😌😌bad me mujhe bhi but it's explanation is osm keep it up carry on 💞💞💓💓

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